शुक्र है कि व्हील्सआई का सहारा था, वर्ना ट्रक चोरी हो जाता

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यह शब्द हैं मध्य प्रदेश के रीवा शहर के ट्रक व्यापारी गौरव त्रिवेदी जी के। हर रोज़ की तरह वे अपने मोबाइल एप से अपने ट्रक की लोकेशन पर नजर रखे हुए थे। 

बता दें की टेक्नोलॉजी के बदलते दौर के साथ देश के ट्रक  व्यापारी भी टेक्नोलॉजी के साथ सक्षम बन रहे हैं । कई स्टार्टअप और कम्पनियाँ ट्रक मालिकों और ट्रांसपोर्टरों के लिए आधुनिक तकनीक बना रहीं हैं। परन्तु व्हील्सआई एक ऐसी  कंपनी है जो पिछले कुछ सालों में देश के ट्रक वालों की पहली पसंद बन गयी है । सूत्रों के अनुसार देश के 5 लाख से भी ज्यादा ट्रक वाले आज व्हील्सआई के एप का इस्तेमाल करके अपने व्यापार को नयी बुलंदियों तक पहुँचाने के लिए सक्षम बना रहे हैं।  

दरअसल ऐसा इसीलिए हैं क्योंकि व्हील्सआई एक all-in-one app है जो ट्रक मालिक की सभी ज़रूरतों को एक ही जगह पूरा करती है। इसके कई फीचर्स में से एक है “ट्रक-कवच” जो की आपके  ट्रक को चोरी से बचाता है।  लॉक डाउन के दौरान जब ट्रकों का आवागमन रुका हुआ था तब देश भर के ट्रक मालिक अपने ट्रकों को चोरी से बचने के लिए इस फीचर का इस्तेमाल कर अपने घरों में चैन की नींद सो पा रहे थ।  इस फीचर की मदद से आप अपने मोबाइल APP से ही अपने ट्रक को ना सिर्फ देख सकते हैं, बल्कि किसी भी प्रकार की मुसीबत या शंका होने पर अपने ट्रक का इंजन लॉक कर सकते हैं। अगर कही भी आपके पास इंटरनेट है, तोह देश विदेश कहीं भी रह कर आप अपने व्यापार की सुरक्षा पक्की कर सकते हैं।  

चलिए वापस चलते  हैं गौरव त्रिवेदी जी के पास। हाल ही में उनका ट्रक रताहरा डिलीवरी करने के लिए पहुंचा था।  डिलीवरी होने के बाद अचानक उनका ट्रक कुछ अजीब से रुट पर जाने लगा। उनको कुछ शक हुआ की ट्रक इधर उधर जा रहा है तो उन्होंने ड्राइवर को फ़ोन लगया। 

इधर ड्राइवर जो था ट्रक का, उसके पास एक व्यक्ति ड्राइवर बनकर आया और कहा के उसे  गौरव जी ने ट्रक की चाबी लेने भेजा है।  वह अर्जेंट लोडिंग पर जाने का बहाना लगाने लगा। ड्राइवर ने भी ज्यादा सोचा नहीं और मालिक का हुक्म का पालन किया।  मगर बात ये थी की मालिक ने कोई हुक्म नहीं दिया थ।  वह व्यक्ति असल में एक बहरूपिया था और ड्राइवर की लापरवाही के चलते ट्रक की चाबी लेकर ट्रक सहित फुर्र्र हो गया। 

इधर जैसे ही गौरव जी की बात ड्राइवर से हुई, उनको सारा मामला समझ आ गया। उन्होंने सूझ बूझ दिखते हुए तुरंत एप  से ही ट्रक का इंजन ऑफ कर दिया।  फिर जीपीएस की मदद से नज़दीकी थाने में फोन किया , पुलिस को लोकेशन रताहरा के समीप में ही बताई गई और पुलिस की सक्रियता से तुरंत ही गाड़ी को चोर सहित रीवा से पकड़ कर थाने ले आयी।

गौरव ने बताया की उनके सभी ट्रक्स में व्हीलसाई एप इनस्टॉल है और सुरक्षा की दृष्टि से उनके सभी ट्रक उनकी उंगलिओं पर ही हरकत करते हैं। उन्होंने व्हील्सआई की मदद से तुरंत ट्रक की चोरी को भांप लिया और ट्रक को बरामद कर लिय। व्हील्सआई टीम के सदस्य लवकुश त्रिपाठी की मदद भी लगातार बानी रही। आपरेटर ने Wheelseye परिवार को दिल से शुक्रिया अदा किया है और कहा है कि अब जितनी भी गाड़ियाँ मेरे ग्रुप में है सबके मालिकों से अनुरोध करूँगा की वो wheelseye का जीपीएस लगवाएं।

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