टाटा मोटर फाइनेंस के ऑफिसर से जानिए लोन / ईएमआई से जुड़ी ख़ास और जरुरी बातें

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एक बात तो आप सब जानते हैं कि, कोरोना की वजह से हुए लॉकडाउन ने पूरे देश की अर्थव्यवस्था को हिला कर रख दिया है। मतलब यूं समझिये, कोरोना की मार देश में लगभग हर एक व्यापार को झेलना पड़ रहा है। हालांकि, व्यापारियों को इससे ज्यादा प्रभाव ना पड़े इसके लिए सरकार ने ईएमआई चुकाने की मोहलत भी दी।

लेकिन, सरकार द्वारा ईएमआई चुकाने में दी जाने वाली मोहलत को लेकर जब हमने सर्वे किया तो उसमें पाया कि अभी भी 50 से 60 प्रतिशत लोग ऐसे हैं जिनके मन में ईमआई मोरेटोरियम को लेकर काफी सवाल है। 

अब, ऐसे में सवाल यह है कि, ईएमआई मोरेटोरियम व्यापारियों के लिए कितना कारगर साबित हुआ? या, फिर लोग ईएमआई मोरेटोरियम को कितना समझ पाए? साथ ही, अलग-अलग तरह के लोन पर कोरोना का क्या प्रभाव रहा? 

इसी तरह के और भी अन्य तमाम सवालों के जवाब के लिए व्हील्सआय ने ऐसे व्यापारियों के लिए 21 जून यानि बीते रविवार को फेसबुक लाइव के माध्यम से टाटा मोटर फाइनेंस के ग्रुप चीफ रिस्क ऑफिसर रोहित टिक्कू के साथ ऑनलाइन चर्चा की। 

इस चर्चा में श्री रोहित टीकू ने बड़े ही सरल और सहज भाषा में दर्शकों को लोन तथा ईमआई मोरेटोरियम के हर पहलू को समझाया। 

पढ़िए इस खास बातचीत के महत्वपूर्ण सवाल और उसके जवाब –

अलग-अलग तरह के लोन पर कोरोना का क्या प्रभाव रहा है?

कोरोना काल में लोन का प्रभाव दो तरह से देखा जा रहा है, पहला ग्राहकों पर और दूसरा बैंकों पर भी इसका प्रभाव देखने को मिल रहा है। आईए समझते हैं कि ग्राहकों और बैंकों पर इसका क्या प्रभाव रहा है।

ग्राहकों के नजरिए से देखें तो:-

  • लोन की प्रक्रिया अब पहले से ज्यादा सख्त हो गयी है। 
  • जबकि, एनबीएफसी द्वारा अप्रैल से जून तक लोन की मंजूरी में 90 प्रतिशत तक की कमी दर्ज की गई है। 

बैंकों के हिसाब से; 

  • लोन की मांग में कमी आई है। 
  • बैंकों में लोन की मंजूरी अब व्यवसाय की प्रमाणिकता, व्यवहारिकता और उत्पादकता पर निर्भर हो गई है। 

ईएमआई मोरेटोरियम से बचने का बेहतर विकल्प क्या है?

  • ईएमआइ मोरेटोरियम से बचने का बेहतर विकल्प इमरजेंसी वर्किंग कैपिटल लोन यानि EWCL है। 
  • क्यूँकि, EWCL में लगने वाला ब्याज दर, ईएमआइ मोरेटोरियम से कम है। 
  • ग्राहक, इमरजेंसी वर्किंग कैपिटल लोन की मदद की मदद से ब्याज में 90 प्रतिशत तक की बचत पा सकते हैं। 

सबसे महत्वपूर्ण और ध्यान देने वाली बात यह है कि, मोरेटोरियम के दौरान ईएमआई के भुगतान नहीं करने से आपके क्रेडिट स्कोर पर कोई असर नहीं होगा। 

इमरजेंसी वर्किंग कैपिटल लोन क्या है और इसे सुचारु बनाने के लिए सरकार द्वारा क्या कदम उठायी जा रही है?

  • दरअसल, इमरजेंसी वर्किंग कैपिटल लोन कोरोना के समय में सरकार द्वारा चलाया गया एक नया और बेहतर लोन विकल्प है। 
  • आप इमरजेंसी वर्किंग कैपिटल लोन तभी ले पाएंगे जब आपका टर्नओवर 100 करोड़ से कम होगा, ग्रॉस लोन 25 करोड़ से कम होगा और, आपकी दो से अधिक किस्तें बाकी नहीं हो। 
  • अगर ऐसा रहा तो, अधिकतम 12 प्रतिशत ब्याज दरों पर 4 साल के लिए बकाया राशि का 20 प्रतिशत लोन, इमरजेंसी वर्किंग कैपिटल लोन के रूप में दिया जा सकता है। 
  • सबसे अच्छी बात यह है कि, पहले 12 महीने आपको केवल ब्याज का भुगतान करना पड़ेगा, कोई मूल राशि का भुगतान नहीं होगा।

कोरोना संकट से निपटने के लिए बैंकों द्वारा उठाये जाने वाले कदम?

चूंकि, कोरोना संकट से बैंकों पर भी असर पड़ा है इसलिए इससे निपटने के लिए बैंक ग्राहकों के पिछले रिकॉर्डस पर उतना ध्यान नहीं दे रही है। 

जानिए लोन के लिए किन बातों पर गौर कर रही है बैंक:

1. ग्राहक की वर्तमान स्थिति 

2. वर्तमान और भविष्य में ट्रकों का उपयोग 

3. बैंक अब पूरी तरह से डिजिटल कर रही है सारा काम (इ-एग्रीमेंट, वीडियो KYC, इ-स्टेम्पिंग, इ-NACH)

ट्रकों के व्यापार (नए ट्रक खरीदने / व्यापार में होने वाले खर्चे) के लिए कितना लोन ले सकते हैं आप?

यह निर्भर करता है:

  • यदि ग्राहक का प्रोफाइल नया है या वो पहले से इस बैंक से जुड़ा है 
  • लोन चुकाने का पुराना रिकॉर्ड 
  • ग्राहक के पास उपलब्ध ट्रक की संख्या 
  • ट्क की बॉडी बनाने में पैसों की आवश्यकता

इसके लिए लोन भी अलग-अलग प्रकार के होते हैं – 

  • नए या पुराने ट्रक खरीदने के लिए लोन 
  • ट्रक की बॉडी बनवाने के लिए लोन 
  • व्यापार में होने वाले खर्चों के लिए लोन 

क्या कोरोना काल में लोन मंजूरी के समय पर कोई प्रभाव पड़ेगा?

  • चूंकि, इस समय क्रेडिट मूल्यांकन का समय बढ़ेगा, इसलिए लोन के मंजूरी की प्रक्रिया धीमी होगी। 
  • डिजिटल होने की वजह से, बैंकों में लोन की प्रकिया तो तेज़ होगी | लेकिन, वहीँ ग्राहक के दस्तावेजों की जांच की प्रक्रिया धीमी होगी। 

ट्रक लोन पर कोरोना का क्या प्रभाव रहा है?

किस तरह के ट्रकों पर कोरोना का प्रभाव ज्यादा रहा है : – 

  • कोरोना संकट, बीएस 6 रेगुलेशन और स्क्रैप नीति के कारण, बड़े ट्रक सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। 
  • वहीं, कृषि व्यवसाय में शामिल होने के कारण छोटे ट्रक बहुत कम प्रभावित हुए हैं। 
  • जबकि, पुराने वाहनों की अधिक मांग की वजह से पुराने वाहनों की कीमतों में गिरावट आने की उम्मीद है। 

 आपके लिए ये भी जानना जरुरी है कि कितने प्रकार के लोन उपलब्ध हैं?

  • छोटे/ बड़े और नए ट्रक के लिए लोन 
  • पुराने ट्रक के लिए लोन 
  • ट्रकों की बॉडी बनवाने के लिए लोन 
  • व्यापारिक खर्चों के लिए लोन

क्या कोरोना काल में छोटी फाइनेंसिंग कंपनियों ने लोन देना बंद कर दिया है?

  • इस दौरान नए गाड़ियों के लिए दिए जाने वाले लोन पर तो ज्यादा असर नहीं है। 
  • जबकि, पुराने वाहनों के खरीद के लिए दिए जाने वाले लोन पर बड़ा असर पड़ा है।

क्या कोरोना संकट के समय में ब्याज दरों में कोई बदलाव आया है?

  • जी नहीं, पहले से चल रहे लोन के ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं हुआ है।
  • नए लोन के लिए, ब्याज दरों में कमी हो सकती है, हालांकि यह अभी निश्चित नहीं है। 

इन सारे सवालों के अलावा भी अगर आपके पास कोई अन्य सवाल है तो आप कमेंट के जरिये हम तक पहुंचा सकते हैं। 

अपने सवाल व्हील्सआई से पूछिए

यदि आपके पास कोई भी सवाल है तो आज ही संपर्क करें
Call: +91 99900 33455
Email: care@wheelseye.com

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