लोकडाउन के अंत की शुरुआत: वेयरहाउसिंग व ई-कॉमर्स सुविधाएं से लौटेगा ट्रक व्यापार

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लोकडाउन 3.0 या यूं कहें कि एग्जिट 2.0 ने 733 में से 603 जिलों में मुख्य औद्योगिक गतिविधियों को फिर से शुरू कर दिया है। कोल्ड स्टोरेज व वेयरहाउस सुविधाएं, जो भारत की सप्लाई चेन का महत्वूर्ण हिस्सा हैं, 4 मई के बाद से मुख्य रूप से खुल गई हैं। नीचे दी गई आधिकारिक जानकारी को देखें तो पता चलता है कि रेड ज़ोन वाले जिलों में भी कोल्ड स्टोरेज व वेयरहाउसिंग सुविधाएं खुल सकती हैं:

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हमारे उपभोक्ताओं द्वारा लगाए गए आंतरिक अनुमानों के मुताबिक तकरीबन 80% वेयरहाउस अब खुले हैं। जो वेयरहाउस अभी नहीं खुले हैं उनमें से ज्यादातर कन्टेनमेंट ज़ोन में हैं और उनके जल्दी खुलने की उम्मीद है। हाल फिलहाल लोडिंग, अनलोडिंग और अन्य कामों के लिए लेबर की कमी ही वेयरहाउस और उद्योग जगत के लिए मुख्य समस्या है। मगर तब भी इन वेयरहाउस व कोल्ड स्टोरेज सुविधाओं का खुलना ट्रक मालिकों को बेहद राहत देगा, जो आगे आने वाले समय में डिमांड में बढ़त की उम्मीद कर सकते हैं।

बल्कि कोरोना के बाद भारत में वेयरहाउसिंग के बढ़ने के कयास लगाए जा सकते हैं। इस दिशा में सबसे पहले संकेत तब मिलें जब ऑनलाइन कम्पनी ग्रॉफर्स ने अपने पोर्टल पर मध्य-अप्रैल में फ़रवरी के मुकाबले 25-30 गुणा अधिक ट्रैफिक होने का दावा किया। बल्कि कम्पनी को अपने पास पहले से उपलब्ध 26 वेयरहाउसों में 3 और तो अप्रैल में ही शामिल करने पड़े और कम्पनी आने वाले 2 हफ्तों में 5 और ऐसी सुविधाएं खोलने वाली है।

कई विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले महीनों में खासकर भारतीय रिटेल में बड़े पैमाने पर ग्राहकों का रुख ऑफलाइन से ऑनलाइन की तरफ बदल सकता है। बल्कि ई-कॉमर्स कम्पनियों और थर्ड-पार्टी लॉजिस्टिक कंपनियों (जो अन्य बड़ी FMCG कंपनियों का सामान ट्रांसपोर्ट करती हैं) की ओर से ही वेयरहाउसिंग की ज्यादातर डिमांड आती है। इसलिए ग्राहकों के ई-कोमर्स की ओर बढ़ते रुख की वजह से अधिक मात्रा में सामान स्टोर एवं वितरण करने के लिए और वेयरहाउसों की स्थापना जरूरी हो जाती है।

मैन्युफैक्चरिंग कम्पनियों का चीन से स्थानांतरण करना भी भारत में वेयरहाउसिंग सुविधाओं की बढ़ोतरी में बड़े तरीके से मददगार हो सकता है। चीन से ऐसी कंपनियों को भारत की ओर आकर्षित करने के प्रयास कई स्तरों पर शुरू भी हो चुके हैं जिस से औद्योगिक वेयरहाउसिंग गतिविधियों को और बल मिल सकता है।

वेयरहाउसिंग में बढ़ोतरी का सीधा असर ट्रकों की डिमांड पर देखा जाएगा। बल्कि, जैसे जैसे देश भर में लोकडाउन से मिली छूटों का दायरा बढ़ेगा, ई-कोमर्स की डिमांड तुरंत बढ़नी शुरू हो जाएगी और उसका सकारात्मक असर जल्द ही वेयरहाउसिंग व ट्रांसपोर्ट उद्योग पर देखा जाएगा। लोकडाउन में रियायत मिलने पर चीन में ई-कोमर्स की बढ़त से कैसे वहां के ट्रांसपोर्ट उद्योग की वापसी हुई इस बारे में आप हमारा लिखा लेख यहाँ पढ़ सकते हैं:

https://help.wheelseye.com/hi/posts/1137/.

व्हील्सआई की ट्रांसपोर्ट समुदाय को सलाह है कि अगले कुछ हफ्तों तक ई-कोमर्स के रुख पर नज़र बनाएं रखें और हो सके तो इस क्षेत्र में उपजे अवसरों का ज्यादा से ज्यादा लाभ उठाएं।

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